05
Aug
2018

Poetry

न हिन्दू का खून बहे, न किसी मुसलमान का खून बहे।

Post Views: 17                   ॥ऐकता की कीमत॥ न हिन्दू का खून बहे,न किसी मुसलमान का खून बहे।

04
Aug
2018

Poetry

मेरी पहली कविता

Post Views: 45 !! कैसे जियूं मै इस उमर में!! जिन्दगीं की सफर में गाँव हो या शहर में जीना दुर्बल हो गया है मेरा

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