हम भारत के लोग

चित्र आभार:गूगल

आलेख/#अमित कुमार

॥संकीर्ण मानसिकता देश के लिए खतरा ॥

भारत-पाक के बीच घटित तत्कालीन घटनाओं के कारण देश में जिस प्रकार की अतिसंवेदनशिल स्थिति उत्पन्न हुई है वह काफी पीड़ादायक है ।आज देश के कुछ जगहों पर चंद अंध-देशभक्तों व अति-उत्साहित भगवाधारी नवयुवकों के द्वारा जिस तरह से कश्मीरी नागरिकों के उपर प्रतिघात किया जा रहा है वह देश के भविष्य के लिए अच्छी खबर नही है । उन्हे याद होना चाहिए कि यह देश सिर्फ किसी एक धर्म का नही है अपितु यह विभिन्न धर्मों का पुन्यभूमी है ।जितनी सद्-भावना आप इस देश के प्रति रखते है उतना ही सद्-भावना व स्नेह कश्मीरी नागरिक भी रखता है । अतः उन निर्दोश व्यक्तियों के उपर घृणा-भाव न रखे ।उनके जिश्म में भी एक रंग का ही खून बहती है ।वह भारतीय पहले कश्मीरी बाद में है ।

बिते दिनों कुछ लोगों द्वारा कश्मीरी व्यक्तियों को इस कारण मारते व प्रताड़ित करते देखा गया है क्योकि वह कश्मीर से है ।यह देश के लिए सही संकेत नही है ।साहब! कश्मीरी होना कोई गुनाह है क्या? हर कश्मीरी आतंकवादी नही होता ।

स्वाभाविक है कि यह घटना देश में संम्प्रदायिकता को बढ़ावा दे सकती है ।ईश्वर न करे ऐसा हो ! यह समय की मांग है कि राजनैतिक उथल-पुथल की इस दौर में हम संयमता से पेश आए न कि उत्तेजना में आकर किसी ऐसी अप्रिय घटना को अंजाम दे जो देश की गरिमा व स्मिता को ठेस पहुँचाती हो ।

अपने ही देश में जिन्हे सार्वजनिक रूप से अपमानित होना पड़े,मार खाना पड़े व अन्य कई बाधाओं का सामना करना पड़े उसकी मनःस्थिति कैसी हो सकती है आप स्वयं कल्पना कर सकते है । निश्चित ही वह अपने अस्तित्व को लेकर स्वयं से सवाल पुछने पर मज़बूर होगा ,जिसका उत्तर उन्हे सहज रूप से मिल पाना मुश्किल होगा ।उनके अंदर द्वेष का बीज अंकुरित होंगी ।

अतः समस्त आवाम को चाहिए कि वह तर्कसंगत सोच के साथ आगे बढ़े और देश को भी आगे बढ़ाने में सहयोग करे ।

जय हिन्द ! जय भारत !

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