सफ़र-ए-जिन्दगी

सफ़र-ए-जिन्दगी

चित्र आभार :गूगल

जिन्दगी की इस दौर मे मुस्कुरा कर चलिए

सबके सामने दिल का पिटारा मत खोलिए,

सफ़र आसांं हो जाएगी सच मानिये

ग़र दामन मे लगे दाग समय से पहले धो लिए,

जिन्दगी की इस दौर में…………………………

कौन कैसा है यहांं ? प्रश्न हैं कई जहाँ 

असली चेहरा किसी का दिखेगा नही,

इसलिए स्वयं को समय के साथ ढालकर चलिए

देखेंगे जीत का दिवस कभी हम भी ये बोल डटकरबोलिए,

जिन्दगी की इस दौर में…………………..

ना कोई साथ आया था तेरा

ना कोई साथ जाएगा तेरा

इसलिये जो पाया है  दौलत तू यहां

उसको यहीं बांटकर चलिए,

जिन्दगी की इस दौर में………………..

©अमित फोर्बेसगंजी

6 thoughts on “सफ़र-ए-जिन्दगी”

  1. Wow, what an amazing creation my greatest and ideal brother. May God give you happiness moments and all the ACHIEVEMENTS what you want in your life.
    BY:- U. S. ‘RAJ'(A HIDDEN FACE)

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