29
Nov
2018

Poetry

चाहत है नही मेरी, किसी के राहों का काँटा बन जाना !

Post Views: 20,313 अपने प्रेम के खातिर, किसी के प्रीत का छिन जाना !! दुर्दिन आऐ है मेरे, दुर्दिन आऐंगे तेरे ! गुज़ारिश है बस

20
Sep
2018

Poetry

वे नज़रों से ओझल हो गए

Post Views: 2,976     वे नज़रों से ओझल हो गए  आज सन्नाटा पसरा है समूचे घर में। मम्मी बट्ट-खर्चा बाँध रही है, लगभग सेर-भर

16
Sep
2018

Poetry

अंदाज अपना अपना

Post Views: 6,731 मै गीत लिखता जाऊँ मै गीत लिखता जाऊँ तेरी प्रीत लिखता जाऊँ ! के ढल रही है ये समां मै यौवन का

20
Aug
2018

Poetry

खाली-खाली सा रहता है मन

Post Views: 5,729 ॥ खाली-खाली सा रहता है मन ॥ खाली-खाली सा रहता है मन, मधुर-बुंदों का संचार चाहिए । छल-प्रपंचो का है यह मेला,

13
Aug
2018

Poetry

तुम अपने खून में पहले नई उबाल तो ला

Post Views: 12,060    ॥ तुम अपने खून में पहले नई उबाल तो ला ॥ संजोता आया है जो अबतक,अस्पष्ट सपनें । उसे हकीकत में

Poetry

क्यो खुद को तू इतना अलंकृत करने लगी है

Post Views: 1,584 तेरी क़ातिल निगाह इस अबोध मन को झंकृत करने लगी है।क्या है तेरी ख़्वाहिस क्यो खुद को तू इतना अलंकृत करने लगी

Poetry

मिले ग़र सानिध्य आपका

Post Views: 9,786  ॥ मिले ग़र सानिध्य आपका ॥ चित्र आभार : गूगल मिले ग़र सानिध्य आपका अपनी प्रतिभा को हम भी      

Poetry

उसकी निगाहें

Post Views: 1,391                                 ॥ उसकी निगाहें ॥ झकझोरती है

08
Aug
2018

Poetry

मेरी गुनाह क्या है ।

Post Views: 37                ॥ मेरी  गुनाह क्या है ।। चित्र आभार :गूगल क्यूं हूँ मै बेबस मेरी गुनाह

06
Aug
2018

Poetry

तुम और हम ।

Post Views: 2,853                    ॥तुम और हम॥ तुमने हाँक लगाई, हम हुँकार बन गये। तुमने हाथ लगाया,

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