20
Aug
2018

Poetry

खाली-खाली सा रहता है मन

Post Views: 5,714 ॥ खाली-खाली सा रहता है मन ॥ खाली-खाली सा रहता है मन, मधुर-बुंदों का संचार चाहिए । छल-प्रपंचो का है यह मेला,

13
Aug
2018

Poetry

तुम अपने खून में पहले नई उबाल तो ला

Post Views: 12,034    ॥ तुम अपने खून में पहले नई उबाल तो ला ॥ संजोता आया है जो अबतक,अस्पष्ट सपनें । उसे हकीकत में

Poetry

क्यो खुद को तू इतना अलंकृत करने लगी है

Post Views: 1,575 तेरी क़ातिल निगाह इस अबोध मन को झंकृत करने लगी है।क्या है तेरी ख़्वाहिस क्यो खुद को तू इतना अलंकृत करने लगी

Poetry

मिले ग़र सानिध्य आपका

Post Views: 9,768  ॥ मिले ग़र सानिध्य आपका ॥ चित्र आभार : गूगल मिले ग़र सानिध्य आपका अपनी प्रतिभा को हम भी      

Poetry

उसकी निगाहें

Post Views: 1,386                                 ॥ उसकी निगाहें ॥ झकझोरती है

08
Aug
2018

Poetry

मेरी गुनाह क्या है ।

Post Views: 20                ॥ मेरी  गुनाह क्या है ।। चित्र आभार :गूगल क्यूं हूँ मै बेबस मेरी गुनाह

06
Aug
2018

Poetry

तुम और हम ।

Post Views: 18                    ॥तुम और हम॥ तुमने हाँक लगाई, हम हुँकार बन गये। तुमने हाथ लगाया,

05
Aug
2018

Poetry

न हिन्दू का खून बहे, न किसी मुसलमान का खून बहे।

Post Views: 10                   ॥ऐकता की कीमत॥ न हिन्दू का खून बहे,न किसी मुसलमान का खून बहे।

04
Aug
2018

Poetry

मेरी पहली कविता

Post Views: 38 !! कैसे जियूं मै इस उमर में!! जिन्दगीं की सफर में गाँव हो या शहर में जीना दुर्बल हो गया है मेरा

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